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ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब में अमावस्या को बड़ी धूमधाम तथा श्रद्धा के साथ मनाया गया

हजारा, पीलीभीत । उत्तर प्रदेश के पीलीभीत तथा लखीमपुर खीरी जनपदों की सीमाओं के मध्य स्थित एतिहासिक गुरुद्वारा नानक साहिब खजूरिया सिद्धनगर में बुधवार को अमावस्या के पर्व को बड़ी आस्था तथा श्रद्धा के साथ मनाया गया। यह एतिहासिक गुरुद्वारा लाखों लोगों के लिए आस्था का केंद्र है। इतिहास के अनुसार जिस स्थान पर गुरुद्वारा साहिब बनाया गया है उस स्थान पर सिक्ख धर्म के पहले गुरु गुरु नानक देव जी ने 1514 ई में अपनी तीसरी धर्म यात्रा के दौरान नेपाल जाते समय कुछ दिन अपने शिष्यों भाई बाला जी तथा भाई मरदाना जी के साथ विश्राम किया था। इसके अलावा मान्यता यह भी है कि गुरुद्वारा परिसर में बने पवित्र सरोवर में स्नान करने मात्र से लोगों को चर्म रोग से मुक्ति मिल जाती है। इस गुरुद्वारा साहिब के एतिहासिक होने के कारण यहां पर हर महीने अमावस्या मेले का आयोजन किया जाता है। जिसमें हर वर्ग के हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटती है और अपना शीश नवाते हैं।
इसी क्रम में बुधवार को भी गुरुद्वारा साहिब में अमावस्या के पर्व को बड़ी आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारा साहिब में पहुंच कर पवित्र सरोवर में आस्था की डुबकी लगाकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब के सामने मत्था टेक कर अपनी मनोकामना पूर्ण करने की अरदास की तथा प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर गुरुद्वारा साहिब में क्षेत्रीय श्रद्धालुओं के साथ साथ दूर दराज के क्षेत्रों से भी भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे।
यहां आपको बता दें कि अमावस्या को समर्पित सोमवार से प्रारंभ किये गये श्री अखंडपाठ साहिब का समापन बुधवार को सुबह लगभग नौ बजे गुरुद्वारा साहिब के मुख्य ग्रंथी बाबा बलजीत सिंह के द्वारा अरदास करने के बाद हुआ। श्री अखंडपाठ साहिब के भोग के बाद धार्मिक दीवान का भी आयोजन किया गया था। जिसमें पहुंचे सिक्ख पंथ के रागी जत्थों, कविसरी जत्थों तथा कथावाचकों ने सिक्ख धर्म के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए तथा गुरुओं के द्वारा सिक्ख धर्म के लिए दी गई कुर्बानियों के बारे में संगत को अपने अपने लहजे में बताकर जागरूक किया। इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने संगत के लिए लंगर की विशेष व्यवस्था की थी। इस मौके पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान रणजीत सिंह, जत्थेदार बाबा दीपा सिंह, जत्थेदार बाबा हरजिंदर सिंह, मैनेजर निशान सिंह, स्टेज सेक्रेटरी सतनाम सिंह, दलबीर सिंह, जसपाल सिंह, निशान सिंह समेत तमाम सेवादार मौजूद रहे ।

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